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इस प्रेम को मौ*त भी ना कर पाई जुदा, पति का शव देखकर पत्नी ने भी उसी वक्त दुनिया को कहा अलविदा, एक साथ उठी दो अर्थियां

दोस्तों पति पत्नी का रिश्ता ऐसा रिश्ता है जिसमे दो अनजान लोग अपने नये जीवन की शुरुआत करते है पहले एक दुसरे को बिलकुल नही जानते लेकिन  धीरे धीरे एक दुसरे की छोटी छोटी बात समझने लगते है अच्छे बुरे समय में एक  दुसरे का साथ देते है .कितना भी लड़ झगड़ ले फिर थोड़ी देर में पहले जैसे हो जाते है .ज्यादा देर तक एक दुसरे से नाराज नही रह सकते .दोनों मिलकर घर परिवार सम्भालते है .और हमेशा साथ जीने के वादे करते है . आज हम आपको ऐसी खबर सुनाने वाले है जिसमे सालो साथ निभाने वाली पत्नी ने पति के मरने के बाद भी नही छोड़ा उसका था .

आपको बताने जा रहे है प्यार कि सच्ची दास्तान इसे सच्चा प्यार कहे या फिर क़िस्मत का लिखा. लेकिन जिसने भी ये मंज़र देखा उसकी आंखे नाम हो गई.आपको बतादे नागौर में लोगों ने खुद अपनी आंखों से इस मंज़र को देखा तो उनकी आंखों से आंसू रुक नहीं पाए. यह दृश्य देखने के बाद लोग भावुक होगए और आँखों से आंसू रुक नए सके निकलने लग गए. खबरों के अनुसार यह मामला राजस्थान के नागौर जिले के रूण गांव से सामने आया है.खबरों के अनुसार यहां पर एक जोड़े ने 58 साल लंबा विवाहित जीवन जीने के बाद एक साथ ही अपनी आखिरी सांसे ली.ऐसा बताया जा रहा है कि इस जोड़ी ने एक साथ ही अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया.गांव में पहले से ही इस विवाहित जोड़े की मिसाल दी जाती थी. लेकिन जब दोनों का एक साथ निधन हो गया तो उसके बाद एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार भी किया गया.


अंतिम संस्कार की सभी रस्में दोनों बेटियों के द्वारा ही निभाई गईं. मिली खबरों के अनुसार 78 साल के राणाराम सेन रूण गांव के निवासी हैं. बताया जा रहा है कि उन्हें सांस से जुड़ी हुई दिक्कत थी. इलाज के लिए उन्हें पहले नागौर और फिर जोधपुर भेजा गया था.लेकिन जोधपुर में रविवार की सुबह उनकी मृत्यु हो गई.जिसके बाद उनके शव को घर लाया गया.लेकिन जब उनकी पत्नीभंवरी देवी ने अपने पति का शव देखा तो उनसे बिल्कुल भी ये सदमा बर्दाश्त नहीं हुआ.बताया जा रहा है कि पति का शव देखते ही पत्नी ने भी अपने प्राण त्याग दिए. पति का शव देखकर वह भी दुनिया को छोड़ कर हमेशा के लिए चली गईं. गांव वाले दोनों के एक साथ मरने की बात को बहुत ही सौभाग्यशाली मान रहे हैं. गांव में एक साथ दोनों की अर्थिया चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों का ऐसा कहना है कि लाखों में कुछ ही जोड़े होते हैं जो इतना लंबा दांपत्य जीवन जीने के पश्चात इस तरह से एक साथ दुनिया को अलविदा कहते है.

गांव वालों ने बताया है कि राणाराम सेन शनि देव के भक्त थे और मंदिर में पूजा-पाठ किया करते थे. पति-पत्नी दोनों में ही बहुत ज्यादा प्रेम था. यह 58 साल से एक दूसरे का साथ खुशहाल जीवन जी रहे थे. जब दोनों की मृत्यु हो गई तो उनकी शादीशुदा बेटियों ने ही अपने माता-पिता की अर्थी को कंधा दिया.बैड बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई और पूरा गांव उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुआ था. दोनों पति-पत्नी को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई. फेरों के समय 7 वचन जो लिए थे कस्मे खाई वो सच कर दिखाई. सारे गाऊ मे इस जोड़े कि खूब चर्चा हो रही है

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