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देश के बेरोजगारों को मोदी सरकार का फैंसला

जबसे को-रो ना म-हामा-री ने दस्तक दी है तभी से लोगो की रोज मर्रा की ज़िन्दगी में कईं बदला आये है ! लॉक डाउन के चलते कई लोगो को अभी तक वर्क फ्रॉम होम कारन पढ़ रहा है ! इसी दौरान कई लोगो की नौकरियां भी चली गयी !जिसकी बजह से उन्हें अपने जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पढ़ रहा है ! लेकिन मोदी सरकार ने ऐसे लोगो को एक तोहफा देने का फैंसला किया है !

Unemployment allowance in india, ESIC: देश में गहराए कोराना महामारी संकट के कारण लागू लॉकडाउन में जिन लोगों को नौकरी गंवानी पड़ी है, केंद्र की मोदी सरकार उन्हें बड़ी राहत देने जा रही है. दरअसल, केंद्रीय श्रम मंत्रालय बेरोजगारों को बड़ी राहत देने पर विचार कर रहा है. नए प्रस्ताव के मुताबिक कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़े कर्मचारियों को बेरोजगारी होने की स्थिति में 6 महीने तक भत्ता दिया जाएगा. यह भत्ता अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर होगा.

मौजूदा वक्त में ईएसआईसी की अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत बेरोजगारी की स्थिति में अंतिम वेतन के 25 फीसदी के बराबर ही भत्ता दिया जाता है. इसके अलावा भत्ते की समयसीमा भी महज तीन महीने ही है. यही नहीं मौजूदा नियम के मुताबिक इस योजना का लाभ एक बार ही उठाया जा सकता है, लेकिन अब इस अवधि को भी खत्म किया जाएगा.

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 20 अगस्त को ईएसआईसी के सदस्यों की बैठक में इस प्रस्ताव को पेश किया जाएगा. यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो फिर ईएसआईसी के 3.2 करोड़ सदस्यों को फायदा मिलेगा.

पीएमओ ने की ये पहल

ईटी की रिपोर्ट के मुातबिक, पीएमओ की ओर से ऐसा प्रस्ताव लाने का विचार दिया गया था. ऐसा इसलिए क्योंकि लॉकडाउन में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां चली गईं. इसी कारण केंद्र सरकार इस योजान में छूट देना चाहती है ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को लाभ मिल सके. अमेरिका, कनाडा और फ्रांस जैसे देशों में मिल रहे बेरोजगारी भत्ते के तर्ज पर सरकार इस योजना के जरिए नौकरी गंवाने वाले लाखों लोगों को लाभ पहुंचाना चाहती है.

12.1 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी

एक अधिकारी ने कहा कि बीते हफ्ते इस प्रस्ताव को पीएमओ के समक्ष पेश किया गया था. अब अगले हफ्ते अब इसे ईएसआईसी की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा. सरकार ने यह माना है कि लॉकडाउन के कारण बड़े पैमाने पर लघु एवं मध्यम उद्योगों के कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ी है. सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में पूरे महीने लॉकडाउन था और इसके चलते 12.1 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है. हालांकि मई और जून में इसकी रिकवरी शुरू हुई और अब तक 9.1 करोड़ लोगों को रोजगार वापस मिला है. अब भी तीन करोड़ लोग बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं. जिनके पास कोरोना काल से पहले कोई न कोई काम था.

बेरोजगार को मिलेंगे ये फायदे

प्रस्ताव के मुताबिक बेरोजगारी भत्ते की सीमा अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर होगी और छह महीने की अवधि तक मदद मिलेगी. अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी था कि कर्मचारी ने दो साल नौकरी की हो, लेकिन अब यह महज 78 दिन हो जाएगी.

ईएसआईसी की अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत अब तक ये सुविधाएं नहीं थी. यदि इस योजना में संशोधन होता है तो इसका फायदा फैक्ट्रियों में काम करने वाले उन सभी संस्थानों को मिलेगा जहां कम से कम 10 कर्मचारी करते हों. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से फिलहाल 31.9 करोड़ सदस्य है. ईएसआईसी के पास 23,157.77 करोड़ का रिजर्व फंड है.

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