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1 नही 2 नही इस बुजुर्ग ने 12 बार लगाई वैक्सीन,जब पकड़ा गया तो बताई ये बात

दोस्तों जैसा कि सभी को पता है महामारी से बचाव के लिए दुनिया भर में वैक्सीन लगाई जा रही है .जन्हा कुछ लोग  निडर होकर वैक्सीन लगवाने आये तो वही कुछ लोग वैक्सीन को लेकर बहुत डरे हुए थे .लेकिन फिर भी देश रोजाना इतने लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे थे की वैक्सीन कम पड़ने लगी थी . वही एक मामला ऐसा सामने आया जिसमे एक शख्स ने एक-दो बार नही बल्कि बारह बार वैक्सीन लगवाई .ये कैसे सम्भव है जबकि वैक्सीन लगवाने का पूरा रिकॉड रखा जा रहा .वैक्सीन के मामले में इतनी लापरवाही इसका जिम्मेदार कौन है . यदि ऐसा नही होता तो दस और लोगो को वैक्सीन लगाई जा सकती थी .जबकि कुछ लोगो को एक बार भी वैक्सीन नही लगी .

दरअसल बिहार में कोविड वैक्सीन लगवाने के नियम की धज्जियां उड़ने का एक बहुत ही गंभीर मामला सामने आया है। एक शख्स का दावा है कि वह 11 बार कोविड वैक्सीन की डोज लगवा चुका है। जबकि, तीसरी डोज की प्रक्रिया भी अभी भारत में शुरू नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक 84 वर्ष का वह शख्स जब लगातार 12वीं बार एक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा तो लोगों ने उसकी पहचान कर ली और उसे फिर से वैक्सीन लगवाने से रोक दिया गया। कोविड वैक्सीन लगवाने की इस तरह की सनक के पीछे उस व्यक्ति की अपनी दलीलें हैं, जिस पर अभी तक किसी वैज्ञानिक ने शायद दुनिया में कहीं भी कोई रिसर्च नहीं किया है।

12वीं बार में कोविड वैक्सीन लगवाते पकड़ा बुजुर्ग

बिहार के मधेपुरा जिले के रहने वाले 84 साल के एक बुजुर्ग ने दावा किया है कि वो कोविड की वैक्सीन 11 बार लगवा चुके हैं। ब्रह्मदेव मंडल नाम के इस शख्स के दावे के बाद बिहार के स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू कर दिया है। ब्रह्मदेव मंडल मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के औराई गांव के रहने वाले हैं, जिन्हें स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को तब पकड़ लिया गया, जब वह 12वीं बार कोविड वैक्सीन लगवाने के फिराक में थे। रिपोर्ट के मुताबिक वहां पर लोगों ने उनकी शिनाख्त कर ली और उन्हें वैक्सीन लगाने से मना कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक उन्होंने इसके लिए अपने परिवार के नजदीकी सदस्यों की अलग-अलग आईडी और मोबाइल फोन नंबरों का भी इस्तेमाल किया।

सरकार ने बहुत बढ़िया चीज बनाई है’

मंडल का दावा है कि वह पोस्टल डिपार्टमेंट से रिटायर्ड कर्मचारी हैं और उन्हें कोरोना वैक्सीन की पहली डोज 13 फरवरी, 2021 को लगी थी। उसके बाद उन्होंने पिछले साल मार्च, मई, जून, जुलाई और अगस्त में लगातार इसके टीके लगवाए। सितंबर में उन्होंने अपना आधार कार्ड, वोटर आईडी और बाकी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर तीन बार वैक्सीन लगवाई। इस तरह से उनका दावा है कि वह बीते साल 30 दिसंबर तक 11 बार कोरोना वैक्सीन की डोज लगवा चुके हैं। उन्होंने इस तरह से वैक्सीन लगावने के सनक का कारण बताने से पहले कहा कि ‘सरकार ने बहुत ही बढ़िया चीज (वैक्सीन) बनाई है।’

स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए

कोविड वैक्सीन की खुराक लगवाने में हुई इस तरह की घोर लापरवाही को लेकर जब मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉक्टर अमरेंद्र प्रताप शाही से सवाल हुआ तो वो बोले- ‘सच का पता लगाने के लिए हमने पहले ही जांच का आदेश दे दिया है। जांच के बाद पता चलेगा कि उस शख्स ने कोविड वैक्सीन की इतनी डोज कैसे लगवा ली।’ रिपोर्ट के मुताबिक उस शख्स ने इस तरह से वैक्सीन की डोज कई केंद्रों पर जाकर लगाई है और यहां तक की दूसरे जिलों में भी इसके लिए गया है।

कई तरह के दस्तावेज का किया इस्तेमाल

वैसे उस बुजुर्ग व्यक्ति का कहना है कि उसने 11 बारे टीके लगवाने के लए 8 बार अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया और तीन बार अपना मतदाता पहचान पत्र और पत्नी के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया। गौरतलब है कि इससे पहले भी कोविड वैक्सीन की डोज लगवाने और आरटी-पीसीआर को लेकर भी इस तरह की धांधली की शिकायतें मिल चुकी हैं।

हर टीके से आराम मिलने का कर रहा है दावा


सबसे हैरानी की बात है कि मंडल का दावा है कि हर बार कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने के बाद उसने बहुत ही अच्छा महसूस किया है। उनका कहना है कि टीके की शुरुआत से पहले उन्हें कई तरह की दिक्कतें थीं। खासकर घुटनों में काफी दर्द रहता था। लेकिन, हर टीके के बाद उनकी परेशानियां खत्म होती चली गईं। उनके मुताबिक अब उन्हें किसी तरह का दर्द भी नहीं होता।

 

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