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बेटे ने जेसीबी मशीन से उठाया पिता का श-व

म’हा’मारी के इस  काल में देश में लाखों लोग अपनी जा’न गंवा चुके हैं। पिछले डेढ़  साल से देश में सं-क्रमण ने लोगों के सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिस तरह से यह सं-‘क्रमण लोगों के करीब आने से फैलता है उसकी वजह से सं-क्रमण से मरने वाले लोग अपने करीबी रिश्तेदार, परिवार के सदस्यों के पास तक नहीं जा पा रहे हैं। लोग मजबूरन दूर से ही अपने करीबियों को अलविदा कह रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां को’-रोना से एक व्यक्ति की मृ-‘त्यु के बाद उसके श-‘व को अंतिम सं’स्कार के लिए जे’सीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया है।

उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर में यह घटना सामने आई है, यहां रिश्तेदार की को-‘रोना सं-‘क्रमण से मृ-‘त्यु के बाद उसके श’व को ले जाने के लिए परिवार ने जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमे देखा जा सकता है कि जेसीबी मशीन से श’व का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। को-”रोना से पिता की मृत्यु के बाद बेटे ने बताया कि पिता की गोरखपुर के अस्पताल में को’रोना सं’क्रमण का टेस्ट हुआ था जोकि पॉजिटिव आया था, जिसके बाद मेरे पिता की अपने गांव में मृ-त्यु हो गई।

इस बारे में जब स्थानीय पत्रकार ने बेटे से पूछा कि आपने पिता के शव को दफनाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल क्यों किया तो बेटे ने बताया कि हमे लगा कि इसी तरह से हर जगह हो रहा होगा। हमे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। गांव के प्रधान त्रियोगानंद गौतम ने कहा कि मैंने अंतिम संस्कार के लिए शव को ले जाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन जब उनके खुद के बच्चे शव को नहीं छूना चाहते हैं तो हमने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया। गौर करने वाली बात है कि यूपी के कई जगहों पर गंगा में उफनाते शवों की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले का सामने आया है जहां गंगा नदी में 6 शव उफनाते देखे गए हैं। फतेहपुर के एसडीएम प्रमोद झा ने बतया कि यह शव रायबरेली से बहते हुए यहां आए हैं। छह शवों को बाहर निकाला गया है। चूंकि शवों की पहचान नहीं की जा सकी इसलिए इसका भिटोरा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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