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कल या परसो आखिर किस दिन मनाए रक्षाबंधन, ये है पूजा का समय और शुभ मुहूर्त

मित्रों आप लोग इस बात से अवगत होगे कि रक्षा बंधन, एक प्रसिद्ध भारतीय त्यौहार है जिसका हिंदू परिवारों में सभी बहनों और भाइयों द्वारा उत्सुकता से इंतजार किया जाता है भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे खूबसूरत और प्यारा रिश्ता होता है  इसलिए भाई- बहन का रिश्ता अनमोल माना जात है इस खूबसूरत रिश्ते में तकरार भी होती है और भरपूर प्यार भी होता है भाई-बहन एक दूसरे के दोस्त भी होते हैं और कभी-कभी अभिभावक भी बन जाते हैं रक्षाबंधन  का त्योहार इसी खूबसूरत रिश्ते का प्रतीक माना जाता है रक्षाबंधन का पर्व रक्षा के संकल्प का पर्व है जिसमें हर भाई बहन से राखी बंधवाते समय उसकी रक्षा करने का संकल्प लेता है लेकिन सिर्फ भाई ही नहीं बहन भी भाई के जीवन के लिए कमाना करती है और बहन भाई की रक्षा करने का संकल्प लेती है आप भी सोच रहे होगे कि रक्षाबंधन 11 अगस्त या 12 अगस्त किस दिन है रक्षाबंधन तो हम आपको बतायगे आगे जानने के लिए पोस्ट के अंत तक बने रहिये

दरअसल हर साल शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है भाई बहन के प्रेम का पावन पर्व रक्षाबंधन पर बहन भाई की कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है लेकिन इस बार इसको लेकर लोगों के मन एक कंफ्यूजन है जिसे दूर कर लेना अच्छा होगा इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन पड़ रही है 11 और 12 को जिसके कारण लोग समझ नहीं पा रहे हैं राखी आखिर किस दिन बांधी जाएगी रक्षा बंधन में भगवान की पूजा की जाती है और फिर बहनें अपने भाइयों की पूजा करती हैं और रक्षा मंत्र का जाप करते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं। इस वर्ष रक्षा बंधन 11 अगस्त को है। हालांकि, हिंदू कैलेंडर के अनुसार इसे दो तिथियों 11 अगस्त और 12 अगस्त को मनाया जा सकता है।

रक्षा बंधन के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यता के अनुसार रक्षा बंधन का पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि गुरुवार 11 अगस्त को प्रातः 10.38 बजे से प्रारंभ होगी। पूर्णिमा तिथि शुक्रवार, 12 अगस्त को प्रातः 7:05 बजे तक रहेगी। इस दिन के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं।

– पूर्णिमा तिथि गुरुवार 11 अगस्त को सुबह 10:38 बजे से शुरू हो रही है।

– पूर्णिमा तिथि शुक्रवार, 12 अगस्त को प्रातः 07:05 बजे समाप्त हो रही है।

– भद्रा समय गुरुवार 11 अगस्त को सुबह 10:38 बजे से शुरू हो गया है।

– भद्रा समय गुरुवार 11 अगस्त को रात 08:51 बजे समाप्त हो रहा है।

ज्योतिष गणनाओं के मुताबिक 12 अगस्त को पूर्णिमा तिथि भी होगी इसलिए उस दिन किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है। 11 अगस्त को राखी बांधने की इच्छा रखने वाला कोई भी व्यक्ति भद्रा काल के बाद राखी बंधवा सकता है। अगर आप रक्षा बंधन 12 अगस्त को मना रहे हैं तो सुबह 07 बजकर 05 मिनट से पहले ही राखी भाई की कलाई पर बांध दें। हिंदू त्योहारों की सबसे खास और अच्छी बात यह है हर त्योहार में घर और एक छत के नीचे एक कर देते हैं और त्योहारों में अक्सर परिवार के अलावा चचेरे भाई और अन्य दूर के रिश्तेदारों के बीच मनाया जाता है त्योहार विभिन्न जातीय और धार्मिक पृष्ठभूमि के लोगों को एकजुट होकर मानते है धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से प्रेम का प्रतीक माना जाता है

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