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इस साल की ठण्ड होगी काफी खतरनाक

इस साल यानी 2020 का साल ही बड़ा खरतनाक है , साल  शुरू  होते ही पूरी दुनिया में ऐसी खरतनाक घटनाएं होना शुरू हो गयी जिसकी किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की थी ! अब जब को-रोना महामारी का आतंक फैला हुआ है जो कि ठंड  के मौसम के लिए काफी खतरनाक है तो वहीँ इस साल ठण्ड भी बड़ी जल्दी और भयानक रूप से पड़ने वाली है ! पूरी जानकारी के लिए खबर को अंत तक पढ़े !

इस साल की  कोरोना महामारी  जिसे लोग सालों-साल याद रखेंगे। कोरोना ने भारत समेत दुनियाभर के देशों में तबाही मचाई है। वहीं इस साल मौसम अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक भारत में 44 साल बाद इस बार ठंड भी जल्द दस्तक देगी। देशभर में अगस्त में ज्यादा बारिश, हवा की दिशा में परिवर्तन और समुद्र की सतह का पानी ठंडा होना ‘ला नीना’ के असर का संकेत हैं।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक इस बार सर्दी जल्दी और काफी पड़ सकती है। वहीं इस बार बारिश के सितंबर तक जारी रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञानी सुनील पांडेय के मुताबिक इस साल अगस्त में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ा है, जबकि हवा में 3 दिन से ठंडक महसूस हो रही है, इससे ला नीना के एक्टिव होने की पूरी संभावना है। इसका असर इंडोनेशियाई क्षेत्र, मैक्सिको की खाड़ी, दक्षिणी अमेरिका समेत कई द्वीप पर पड़ेगा। भारत के दक्षिण क्षेत्र में भी ठंड का अनुभव होगा। हालांकि मौसम विभाग की तरफ से अभी तक कोई घोषणा या अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

‘ला नीना’ क्या
‘ला नीना’ मानसून का रुख तय करने वाली समुद्री धारा है, जो कि 7 से 8 साल में अल नीनो के बाद होती है। अल नीनो में जहां समुद्र की सतह का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, वहीं ला नीना में समुद्र की सतह का तापमान कम होने लगता है। इसके पीछे बड़ी वजह हवा की दिशा में बदलाव होना है। इसमें समुद्री क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 55 से 60 किमी रहती है जबकि मैदानी क्षेत्रों में यह 20 से 25 किमी की गति से चलती है। ला नीना भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत महासागर के करीब सक्रिय होता है। इसका असर अन्य महाद्वीपों में नजर आता है।

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