free tracking
Breaking News
Home / जरा हटके / ज़मीन बेच कर माँ ने बेटे को पढ़ाया,बेटे ने मेहनत कर हासिल किया 1 करोड़ का पैकेज,माँ का सिर गर्व से ऊँचा किया

ज़मीन बेच कर माँ ने बेटे को पढ़ाया,बेटे ने मेहनत कर हासिल किया 1 करोड़ का पैकेज,माँ का सिर गर्व से ऊँचा किया

दोस्तों यदि किसी में कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो उसे कामयाब होने से कोई नही रोक सकता .उसकी मंजिल के रास्ते में आने वाली हर समस्या उसे छोटी लगने लगती है .अपनी मेहनत और परिवार के सपोर्ट से जब अपनी मंजिल  हासिल कर लेते है तब जो ख़ुशी महसूस होती है उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है .आज हम आपको एक ऐसे ही छात्र के बारे में बताने वाले है . जिसने अपनी मेहनत और लग्न से वो मुकाम हासिल किया है कि उसकी माँ को उस पर गर्व है .उस हौन्हार छात्र के बारे में जानने के लिए लेख को अंत तक जरुर पढ़े .

ट्रिपलआईटी लखनऊ के बीटेक आईटी के छात्र नमन गुप्ता ने, जिन्हें अमेजन में सॉफ्टवेयर डेवलपर पद पर 45 लाख सालाना के पैकेज पर प्लेसमेंट मिला है। छह माह की इंटर्नशिप के बाद वह जुलाई में बंगलूरू में कंपनी ज्वाइन करेंगे।नमन जब आठवीं में थे तो पिता कृष्ण कुमार की आकस्मिक मृत्यु हो गई। पिता का अपना कारोबार था, ऐसे में बड़ा झटका लगा, लेकिन मां पुष्पलता गुप्ता ने हार नहीं मानी और न सिर्फ बेटे बल्कि बेटियों को भी पढ़ाकर आगे बढ़ाने की ठानी। इसके लिए घर की पुस्तैनी जमीन तक बेच दी। मूलरूप से कानपुर निवासी नमन ने गुरुनानक पब्लिक स्कूल से स्कूलिंग की फिर ट्रिपलआईटी में प्रवेश लिया। आर्थिक स्थिति ठीक न होने से कोई कोचिंग न कर खुद मेहनत की।बड़ी बहन कोपल गुप्ता गलगोटिया यूनिवर्सिटी से बीटेक कर डिलाइट कंपनी में जॉब करने लगी तो परिवार को आर्थिक सहयोग भी मिला। अब नमन अपने परिवार को एक घर तोहफे में देना चाहते हैं क्योंकि अभी भी उनका परिवार चाचा के घर रहता है। वह सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों की पढ़ाई के लिए भी कुछ करना चाहते हैं।

शुभम ने एजुकेशन लोन लेकर पूरा किया लक्ष्य

ट्रिपलआईटी के ही बीटेक आईटी के छात्र शुभम सिंह को वॉलमार्ट ग्लोबल टेक इंडिया में 23.39 लाख सालाना के पैकेज पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर प्लेसमेंट मिला है। पिता उपेंद्र नाथ सिंह बतौर शिक्षामित्र काम करते थे। परिवार में मां अंशू के साथ बड़ी बहन एकता सिंह हैं। पिता ने उधार लेकर पढ़ाया। फिर छात्रवृत्ति से सहयोग मिला और जब ट्रिपलआईटी में एडमिशन हुआ तो एजुकेशन लोन लेकर पढ़ाई हुई।शुभम ने कहा कि मेरा पहला लक्ष्य एजुकेशन लोन पूरा करना और बड़ी बहन को आगे पढ़ाना है। बहन एक शिक्षक के रूप में अपना कॅरिअर बनाना चाहती है। जल्द ही मैं अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करूंगा और उनको एक कार भी गिफ्ट करना है। मूलरूप से गाजीपुर निवासी शुभम की स्कूलिंग वाराणसी के डालिम्स स्कूल से हुई है।

अभिजीत को सवा करोड़ का पैकेज

ट्रिपलआईटी लखनऊ से बीटेक आईटी के छात्र अभिजीत द्विवेदी को अमेजन ने 1.20 करोड़ सालाना का पैकेज दिया गया है। प्रयागराज के मूल निवासी अभिजीत की पोस्टिंग डबलिन आयरलैंड में सॉफ्टवेयर डेवलपर के पद पर हुई है। बीएससी से अपनी स्कूलिंग करने वाले अभिजीत कंपनी में बतौर मैनेजर काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी में अनुभव लेकर अगर मौका लगा तो स्टार्टअप शुरू करूंगा। खासकर एजुकेशन सेक्टर के लिए काम करना है, क्योंकि कोविड जैसे कठिन वक्त में तकनीकी ज्ञान न होने वालों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई तो पूरी हो जाती है, लेकिन इंटरव्यू क्रैक करने के लिए स्किल बहुत मायने रखती है। पिता आनंद मोहन द्विवेदी कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजर और मां किरण द्विवेदी गृहिणी हैं।

पीजी में भी सौ फीसदी प्लेसमेंट

ट्रिपलआईटी लखनऊ के न सिर्फ बीटेक बल्कि एमटेक के छात्रों को भी सौ फीसदी प्लेसमेंट मिला है। इसमें कंप्यूटर साइंस के छात्र संदीप पढ़ी को 32 लाख का पैकेज मिला है। उन्हें फ्लिपकार्ट के साथ वॉलमार्ट में भी जॉब ऑफर हुई है। इसी तरह सुरभि सुमन को 32 लाख सालाना का पैकेज अमेजन ने दिया है। इनके पास अमेजन के साथ ही डिलाइट, इंडिया मार्ट व पे नियर बाई से भी जॉब ऑफर थी। पीजी में एवरेज पैकेज 17.05 लाख गया है।ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. अरुण मोहन शेरी ने कहा कि ट्रिपलआईटी लखनऊ ने इस बार प्लेसमेंट के सारे रिकॉर्ड ब्रेक किए हैं। बीटेक में एवरेज प्लेसमेंट 26.19 लाख है जो पिछली बार 18.42 था। पिछले साल अधिकतम पैकेज 43 लाख था जो इस बार 45 लाख डोमेस्टिक और 1.20 करोड़ इंटरनेशनल पहुंच गया है। कई छात्रों को दो या तीन कंपनियों के ऑफर थे। इसमें उन्होंने बेहतर को चुना है। हम सीमित संसाधन में भी छात्रों को बेहतर शिक्षा व अवसर देने का प्रयास कर रहे हैं।

About Lakshmi

Leave a Reply

Your email address will not be published.