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जन्म होते ही माता पिता ने घर निकला,बड़े होकर बने कामयाव,एक को मिली सरकारी नौकरी दुसरा देगा साथ

मित्रों आप लोग इस बात से अवगत होगे कि हमारे देश में कई तरह के लोग होते है इस देश में गोरे काले रंग के होते और पर सबकी जिंदगी अलग अलग होती है सब लोग अपनी अपनी जिंदगी जीते है पर कभी कभी ऐसा होता है कि हमारे शरीर में कोई प्रकार की दिक्कत होती है या जन्म से ही उनके शरीर में कमी होती है जिसके कारण उन्हें कई लोग ठुकरा देते है आज हम एक ऐसे ही दो जुड़वां भाइयों के बारे में बात करने वाले है जिसे आप जानकर हैरान रह जायेगे जी हां इस देश में ऐसे कई जीवित उदाहरण हैं जिनसे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। ऐसा ही एक उदाहरण दो जुड़वां भाइयों ने रखा है जिन्हें उनके माता-पिता ने ठुकरा दिया था। इन दिनों अमृतसर में रहने वाले जुड़वां भाइयों सोहना और मोहना की कहानी लोगों को प्रेरणा दे रही है  दोनों भाईयो के बारे में आगे जानने के लिए पोस्ट के अंत तक बने रहिये

दरअसल दो जुड़वां भाई जन्म से ही एक दूसरे के शरीर के संपर्क में हैं। जब दोनों भाईयों के जन्म से ही ऐसे थे जब दोनों भाईयो का जन्म हुआ तभी डॉक्टरों ने उसके माता-पिता से कहा कि वह लंबे समय तक जीवित नहीं रहेगे इस वजह से उसके माता-पिता ने उसे गोद लेने से मना कर दिया और जिन्हें बचपन में उनके माता-पिता ने छोड़ दिया था जुड़वा बच्चों की परवरिश अमृतसर के एक एनजीओ ने की। एनजीओ में पले-बढ़े इन जुड़वां भाइयों की किस्मत में कुछ और था आज वे अपने तरीके से जीवन जी रहे हैं। अब दोनों एक दूसरे की देखभाल कर रहे हैं। पंजाब के अमृतसर में जन्मी सोहना को पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में नौकरी मिल गई। 11 दिसंबर 2021 को सोहना को नियुक्ति पत्र दिया गया। दोनों डेंटल कॉलेज के पास बिजली संयंत्र में नियमित टी मैट रखरखाव स्टाफ के रूप में काम करेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि नौकरी मिलने के बाद सोहना ने कहा कि पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें नौकरी देने का वादा किया था और उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल के मुख्य प्रबंध निदेशक ने आवेदन मिलने के बाद सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से बात की जिसके बाद सोहना को एक स्पेशल केस के तहत नौकरी मिल गई। दो साल काम करने के बाद सोहना को कंपनी में प्रमोशन मिलेगा। जुड़वां भाइयों के जन्म से ही ये दोनों शरीर के निचले हिस्से से जुड़े हुए हैं। ये दोनों भाई हर काम में एक दूसरे की मदद करते हैं। इन दोनों जुड़वां भाइयों का जन्म 14 जून 2003 को दिल्ली के सुचेता कृपाला अस्पताल में हुआ था। उनकी माता का नाम कामिनी है और उनके पिता का नाम सुरजीत कुमार है जिन्होंने जन्म के बाद बच्चों को अपने साथ ले जाने से इनकार कर दिया माता-पिता के जाने के बाद अमृतसर एनजीओ ने उनकी परवरिश की जिम्मेदारी ली और उनका नाम भी रखा। दोनों का आधार कार्ड भी अलग है। जीवन में हर इंसान को इन भाइयों से प्रेरणा और हिम्मत लेनी चाहिये।

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