free tracking
Breaking News
Home / ताजा खबरे / थ्री इडियट के आमिर खान से प्रभावित लंगूर हर क्लास में जाकर प्राप्त करता है ज्ञान

थ्री इडियट के आमिर खान से प्रभावित लंगूर हर क्लास में जाकर प्राप्त करता है ज्ञान

दोस्तों इस इंटरनेट की दुनिया में आये दिन सोशल मीडिया पर तरह-तरह के वीडियो वायरल होते रहते है ऐसे कई विडियो है जो हमे है”रान कर देते है तो वही कुछ ऐसे भी विडियो होते है जो फ़नी और जोक्स वाले होते जिसे देखने के बाद हम अपनी हंसी को नहीं रोक पाते है ऐसे कई जानवर होते है जो इंसानों के बीच रहना पसंद करते है मनुष्य से पशुओं का प्रेम सदियों से चला आ रहा है। कई लोग अपने घर पर पशुओं को पालते है और उनकी देखभाल करते है। आज जितना प्रेम मनुष्य पशुओं से करते है उससे कई ज़्यादा प्रेम पशु मनुष्य से करते है। कई प्रकार के जानवरों को मनुष्य पालते है हर व्यक्ति को अलग-अलग जानवर पसंद होते है हमने देखा कि कई लोग बंदरों से बहुत प्यार करते है .उन्हें पालना चाहते है मैंने अक्सर फिल्मों में बंदरो को देखा है कि बंदर इंसानों के साथ कैसे रहते है पर आज हम आपको एक ऐसे खबर से रूबरू करवाने वाले जिसे जानकर आप सोचोगे क्या एक लंगूर भी स्कूल जा सकता है और बच्चों के साथ पढाई कर सकता है जी हां कर सकता है इस खबर के बारे में विस्तार से जानने के लिए पोस्ट के अंत तक बने रहिये।

रोजाना स्कूल में पढ़ने आता है ये लंगूर, क्लास में बैठता है बच्चों के साथ, ध्यान से सुनता है टीचर की बातें और..

दरअसल झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड से मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर पठार और पहाड़ों के बीच उच्च विद्यालय दनुआ में एक मामला सामने आया है जहाँ अब सोशल मीडिया पर एक लंगूर चर्चा में बना हुआ है स्कूल के प्रिंसिपल रतन कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से कक्षा में पढ़ने के लिए एक लंगूर पहुंच रहा है। वह बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई भी करता है। आपको बता दे कि स्थानीय लोग भी इस अजीबोगरीब घटना से हैरान हैं। बच्चे जब पढ़ाई कर रहे होते हैं तो लंगूर भी टीचर की बातें बड़े ही गौर से सुनता है। इतना ही नहीं जब बच्चे कॉपी में लिख रहे होते हैं तो वह उन्हें बड़े ध्यान से देखता है।

मिली जानकारी के मुताबिक जब टीचर उस लंगूर को क्लास से बाहर जाने को कहते हैं तो वह जाने से मना कर देता है। जब बच्चे मैदान में होते हैं तो वो भी वहां पर आकर खड़ा हो जाता है। हालांकि वह लंगूर किसी भी बच्चे और टीचर को परेशान नहीं करता। अब बच्चे भी उसे अच्छे से जान चुके है। प्रिंसिपल का कहना है कि लंगूर के आने से बच्चे व शिक्षक घबरा जाते हैं। बीते शनिवार को भी लंगूर आया और फिर नौंवी क्लास में बैठकर क्लास में पढ़ा रहे शिक्षक की बात ध्यान से सुनता रहा। रविवार की छुट्टी के बाद जब सोमवार को फिर क्लास लगी तो लंगूर फिर वहां पहुंच गया और बारी बारी से सभी क्लास में गया। मंगलवार को वह सातवीं क्लास में आकर आगे वाली बेंच पर बैठ गया। प्रिंसिपल ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने उस लंगूर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह उनके हाथ नहीं लगा।

About Lakshmi