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भारत ने बना दिया अनोखा रिकॉर्ड

देश में आये दिन को-रो’ना के मामले बढ़ते जा रहे है  ! सरकार के द्वारा इतनी ज्यादा सुरक्षा बरतने के बाद भी ये महामारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है ! इससे संक्रमित लोगो के आंकड़े रोज अपने आप में एक नया रिकॉर्ड बना रहे है ! लेकिन इसी  बीच एक अच्छी खबर सामने आई है ! भले ही हमारे देश में को-रो-ना के मामले ज्यादा आ रहे है लेकिन इनमें से स्वस्थ यानिकी बिलकुल ठीक हुए मरीजों की संख्या भी बढ़ गयी है !

पूरे भारत में शनिवार को सबसे ज्यादा 57,381 लोग कोरोना से रिकवर हुए। कोरोना से एक दिन में ठीक होने वालो लोगों की अब तक ये सबसे ज़्यादा संख्या है। इसी के साथ ही भारत में कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 18 लाख हो गई है। इस के अलावा भारत में एख और रिकॉर्ड दर्ज हुआ है वो है टेस्ट का। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत ने एक दिन में रिकॉर्ड संख्या में टेस्ट किए हैं। भारत ने शनिवार को 868,679 लोगों के टेस्ट किए, इसी के साथ देश में होने वाले टेस्टों की कुल संख्या 2.9 करोड़ हो गई। 12 राज्यों में रिकवरी राष्ट्रीय औसत से अधिक है जिसमें दिल्ली प्रमुख है।

आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में लगभग 90% लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उसके बाद दूसरे नंबर पर हरियाणा (84%) और तीसरे नंबर पर तमिलनाडु (82%) है। अधिकारियों ने नए संक्रमणों में कमी और मौतों की संख्या में गिरावट के लिए दिल्ली मॉडल को श्रेय दिया। मॉडल में रैंपिंग टेस्टिंग और कोविड -19 उपचार के लिए बिस्तरों की संख्या, घर पर कोई लक्षण या हल्के लक्षणों के साथ अलगाव, नाड़ी ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन सांद्रता, प्लाज्मा थेरेपी और सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग प्रदान करना शामिल था। दिल्ली में पहला एक प्लाज्मा बैंक शुरू किया गया था। राज्य ने आबादी में एंटीबॉडी स्तरों की व्यापकता की जांच करने के लिए हर महीने सीरोलॉजिकल निगरानी करने का फैसला किया था।
अधिकारियों ने कहा कि भारत संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एक परीक्षण, ट्रैक, और उपचार रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के कम्यूनिटी मेडिसिन हेड पुनीत मिश्रा बताते हैं कि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में टेस्ट की रणनीति को अब बेहतर करने की जरूरत है वो कहते हैं, “इन क्षेत्रों में हमें मृत्यु दर को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा इसके लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को उन लोगों पर नज़र रखनी होगी। जिनमें कोरोना के लक्षण  हैं, खासकर उच्च जोखिम वाले समूहों के बीच। इस बात को ध्यान में रख कर कि समय रहते अस्पताल पहुंच जाएं।”

अधिकारियों की कहना है कि अब अस्पतालों में बेहतर इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है, घर में क्वारंटीन, जल्दी और बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस की बेहतर सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सरकार डॉक्टरों के क्लिनिकल मैनेजमेंट स्किल पर भी काम कर रही है। एम्स के डॉक्टर टेलीकॉन्सेलेशन के माध्यम से सक्रिय तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना से मरने वाले लोगों का अनुपात 1.4 प्रतिशत है।

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