free tracking
Breaking News
Home / देश दुनिया / छात्रों का भविष्य खतरे में

छात्रों का भविष्य खतरे में

लॉक डाउन के बाद से लोग अब पहले की तरह अपने कामो पर जाने लगे है बाज़ार भी खुलने लगे है ! धीरे -धीरे लोग सामान्य जीवन जीने लगे है ! लेकिन छात्रों के जीवन में किसी प्रकार का कोई बदलाव नही आया ! जिससे उनके जीवन और भविष्य पर बहुत प्रभाव पड़ेगा ! समय पर परीक्षा न होने से उनका बहुत सारा समय व्यर्थ होगया है ! छात्रों के लिए इस व्यर्थ समय की भरपाई करना बहुत ही मुश्किल  होगा !

भारत और विदेशों के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 150 से अधिक शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को पत्र लिखकर कहा है कि मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई (मुख्य) और नीट (JEE-NEET) में यदि और देरी हुई तो छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा. बढ़ते कोविड-19 (Covid-19) मामलों के मद्देनजर सितंबर में इन परीक्षाओं के आयोजन के खिलाफ हो रहे विरोध का उल्लेख करते हुए शिक्षाविदों ने अपने पत्र में कहा, ‘‘कुछ लोग अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खेलने की कोशिश कर रहे हैंपत्र में कहा गया है, ‘युवा और छात्र राष्ट्र का भविष्य हैं लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण, उनके करियर पर अनिश्चितताओं के बादल छा गए हैं. प्रवेश और कक्षाओं के बारे में बहुत सारी आशंकाएं हैं जिन्हें जल्द से जल्द हल करने की आवश्यकता है.’

पत्र में कहा गया है कि हर साल की तरह इस साल भी लाखों छात्रों ने अपनी कक्षा 12 की परीक्षाएं दी हैं और अब प्रवेश परीक्षाओं का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.पत्र में कहा गया है, ‘सरकार ने जेईई (मुख्य) और नीट की तारीखों की घोषणा की है … परीक्षा आयोजित करने में किसी भी तरह की देरी से छात्रों का कीमती वर्ष बर्बाद हो जाएगा. हमारे युवाओं और छात्रों के सपनों और भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता है. हालांकि, कुछ लोग बस अपने राजनीतिक एजेंडे को चलाने और सरकार का विरोध करने के लिए हमारे छात्रों के भविष्य के साथ खेलने की कोशिश कर रहे हैं.’

हस्ताक्षरकर्ताओं में दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, लखनऊ विश्वविद्यालय, जेएनयू, बीएचयू, आईआईटी दिल्ली और लंदन विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ यरुशलम और इजराइल के बेन गुरियन विश्वविद्यालय के भारतीय शिक्षाविद शामिल हैं. .उन्होंने कहा, ‘हम मानते हैं कि केंद्र सरकार पूरी सावधानी बरतते हुए जेईई और नीट परीक्षाएं आयोजित कर लेगी, ताकि छात्रों के भविष्य का ध्यान रखा जा सके और 2020-21 के लिए अकादमिक कैलेंडर तैयार किया जा सके.’

 

About Lakshmi

Leave a Reply

Your email address will not be published.