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आ गयी नई आफत,डेल्टा और ओमिक्रोन ने मिलकर बनाया नया वैरिएंट

दोस्तों साल पहले सबकी लाइफ कितनी अच्छी और मजे में चल रही थी .इसी बीच एक खतनाक वायरस ने सबका जीवन बदल दिया .ये महामारी दुनिया के सभी देशो में फैल गयी और इस वायरस ने कितनी ही जाने ली .जिसके बाद सभी को इस वायरस से डर लगने लगा .अभी एक वायरस खत्म नही हुआ तभी उसका नया वेरिएंट आगया जिसके बहुत से मामले सामने आये जिसकी वजह से लोग और ज्यादा डरने लगे क्योकि इसे पहले वायरस से ज्यादा खतनाक बताया जा रहा था .लेकिन मुसीबत अभी भी टली नही हालही में एक खबर सामने आई है जिसमे कोरोना के नये वेरिएंट के बारे में बताया गया है आखिर ये वायरस पहले वाले वायरस से कितना खतरनाक है और अब तक इसके कितने मामले सामने आये है जानने के लिए खबर को अंत तक पढ़े .

साइप्रस में शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट की खोज की, ‘डेल्टाक्रोन’ नाम दिया। इसमें डेल्टा जीनोम के भीतर ओमाइक्रोन जैसे जिनेटिक सिग्नेचर, वेरिएंट से जुड़े 25 मामले अभी तक मिले हैं। डेल्टाक्रोन के क्या और भी मामले मौजूद हैं, या यह कितना खतरनाक है, इसे लेक अभी तस्वीर साफ नहीं है।ओमीक्रोन से पूरी दुनिया में जारी अफरातफरी के बीच कोरोना वायरस का एक और नया वेरिएंट सामने आया है। साइप्रस में शोधकर्ताओं ने वायरस के इस नए वेरिएंट की खोज की है जो डेल्टा और ओमीक्रोन से मिलकर बना है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए डेल्टा वेरिएंट ही जिम्मेदार था, जिससे बड़ी संख्या में मौतें हुई थीं।रिपोर्ट के अनुसार साइप्रस विश्वविद्यालय में जैविक विज्ञान के प्रोफेसर लियोनडियोस कोस्त्रिकिस ने इस वेरिंट को ‘डेल्टाक्रोन’ नाम दिया है। डेल्टा जीनोम के भीतर अपने ओमाइक्रोन जैसे जिनेटिक सिग्नेचर की वजह से इसे यह नाम दिया गया है।

डेल्टाक्रोन कितना खतरनाक हो सकता है?

रिपोर्ट के अनुसार, कोस्त्रिकिस और उनकी टीम ने अब तक वायरस के इस वेरिएंट से जुड़े 25 मामले पाए हैं। अभी यह साफ नहीं है कि इस वेरिएंट के क्या और भी मामले मौजूद हैं या फिर यह कितना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘हम भविष्य में देखेंगे कि क्या यह स्ट्रेन अधिक संक्रामक है या प्रबल होगा।  एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि डेल्टाक्रोन से अधिक संक्रामक ओमीक्रोन है।’रिपोर्ट के अनुसार शोधकर्ताओं ने इस सप्ताह अपने नतीजे GISAID को भेजे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस है जो वायरस को ट्रैक करता है। ‘डेल्टाक्रोन’ वेरिएंट खोज उस समय हुई है जब दुनिया पहले ही ओमीक्रोन से परेशान है। दुनिया भर में ओमीक्रोन वेरिएंट के मामले तेजी से  बढ़ रहे हैं। इस वजह से कोविड-19 के मामलों में भी तेज वृद्धि दुनिया भर में देखी गई है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अमेरिका में औसतन पिछले सात दिन से 6 लाख नए कोरोना केस रोज आ रहे हैं। यह पिछले सप्ताह के मुकाबले 72% ज्यादा है।

कुछ दिन पहले फ्रांस में मिला था एक और वेरिएंट

इसी महीने की शुरुआत में फ्रांस में भी कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट की पहचान की गई थी। वायरस के इस वेरिएंट में 46 म्यूटेशन देख गए। वैज्ञानिकों के अनुसार यह वेरिएंट सबसे पहले अफ्रीकी देश कैमरून की यात्रा करने वाले एक शख्स में मिला था। नए वेरिएंट को B.1.640.2 नाम दिया गया था। इस वेरिएंट N501Y म्यूटेशन मौजूद है, जिसे पहली बार अल्फा वेरिएंट पर देखा गया था। विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि इससे यह ज्यादा संक्रामक साबित हो सकता है।

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