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राज्य में लागू हुआ 2 चाइल्ड पालिसी का नियम, विशेष समुदाय में बना डर का माहौल

जैसा कि हम जानते हैं कि हमारे देश में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर समय-समय पर मांग उठती रही हैं। और देश में एक तरफ मांगे उठ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ असम सरकार ने इसे अपने राज्य में लागू कर दिया है आपको बता दें यह फैसला सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लिया गया है। इसके फैसले के अनुसार राज्य में सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए दो बच्चे होना अनिवार्य हैं। आइए आपको पूरी ख़बर विस्तार से समझाते हैं

असम 2 बच्चा नीति लागू

आपको बता दें असम के नए निर्वाचित मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा(CM Himanta Biswa Sarma) ने राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 2 बच्चों की नीति(Two-Child Policy) को लागू करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि इस फ़ैसले के अनुसार कर्जमाफी या अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के लिए यह अनिवार्य होगा। हालांकि इस फैसले में कुछ समुदायों को छूट दी गई है। जैसे कि चाय बागानों में काम करने वाले मजदूर और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों पर यह फ़ैसला लागू नहीं होगा।

भविष्य में सबको माननी होगी 2 बच्चा नीति

आपको बता दें कि सीएम हिमंता बिस्वा सरमा(CM Himanta Biswa Sarma) ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 2 बच्चों की नीति (Two-Child Policy) सभी समुदायों के लिए अनिवार्य होगी। इसके अलावा फ़ैसले में कहा गया है कि सभी समुदायों पर इसे चरणबद्ध तरीके से अपनाया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाएं जैसे स्कूल-कॉलेज में मुफ्त शिक्षा या प्रधानमंत्री आवास योजना पर यह नीति फिलहाल लागू नहीं होगी।

आबादी कंट्रोल करें-अल्पसंख्यकों को CM सरमा का मैसेज

मुख्यमंत्री हिमंता का कार्यकाल अभी 30 दिन का ही हुआ है। और उनकी सरकार लगातार एक के बाद एक फुल स्पीड में फ़ैसले लेते हुए दिखाई दे रही है। आपको बता दें कि 10 जून 2021 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा(CM Himanta Biswa Sarma) ने गरीबी कम करने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय से आबादी कंट्रोल करने को कहा। उन्होंने कहा था कि गरीबी का मुख्य कारण लगातार आबादी बढ़ना है।

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